PM Awas Yojana 2026 List Jharkhand देखें

प्रधानमंत्री आवास योजना झारखण्ड 2026 – प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना झारखण्ड राज्य के गरीब बेघर परिवार के लिए एक जनकल्याणकारी योजना हैं. इस योजना के अंतर्गत झारखण्ड राज्य के गरीब बेघर परिवारों को उनके खुद के पक्का मकान बनाने के लिए वितीय सहायता राशि प्रदान की जाती हैं. इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 1985 में इंदिरा आवास योजना के नाम से शुरू किया था. फिर 2015 में सरकार ने इसका नाम बदलकर PM Awas Yojana कर दिया.

PM Awas Yojana Jharkhand Gramin की नई लिस्ट प्रत्येक वर्ष जारी की जाती हैं. इस PM Awas Yojana Jharkhand List को आप आसानी से अधिकारिक पोर्टल पर जाकर online देख सकते हैं. इस लेख में ग्राम पंचायत आवास सूची झारखण्ड को ऑनलाइन अधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कैसे देखते हैं. स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया दी गई हैं.

प्रधानमंत्री आवास योजना झारखण्ड लिस्ट देखें

  • ग्राम पंचायत आवास सूची झारखण्ड को देखने के लिए ऑफिसियल पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर जाएँ.
  • होमपेज के मेनू बार में ‘Awassoft’ को सेलेक्ट करें. फिर ‘Report’ विकल्प को सेलेक्ट करें.

PM Awas Gramin List

  • अब इस नई पेज पर H. Social Audit Reports सेक्सन में से ‘Beneficiary details for verification’ विकल्प पर क्लिक करें.

Beneficiary details

  • अब राज्य, जिला, प्रखंड (ब्लॉक) और अपने गावं का चुनाव करके जिस वर्ष के लिस्ट को देखना हैं. उस वर्ष को सेलेक्ट करें. उसके बाद ‘PRADHAN MANTRI AWAAS YOJANA’ को सेलेक्ट कर कैप्चा दर्ज करें. और सबमिट को क्लिक करें.

PM Awas Yojana UP List

  • अब ग्राम पंचायत आवास सूचि विवरण झारखण्ड की जानकारी ओपन हो जाती हैं. इस लिस्ट में ग्राम पंचायत में कितने लाभार्थी को योजना के तहत आवास आवंटित किया गया हैं. उसकी जानकारी मिल जाती हैं.

ग्राम पंचायत आवास सूची झारखण्ड

  • आप ग्राम पंचायत आवास सूची झारखण्ड को Excel/PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के मैदानी इलाकों में रहने वाले लाभार्थी को उनके खुद के पक्का मकान बनाने के लिए एक लाख बीस हजार रूपये की वितीय सहायता राशि प्रदान किया जाता हैं. जबकि पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाभार्थी को एक लाख तीस हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती हैं.

PMAY-G के लिए पात्रता मानदंड सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना SECC-2011 और आवास प्लस सर्वे के डेटा पर आधारित हैं.

वह आर्थिक रूप से कमजोर, बेघर, निर्धन परिवार जो कच्चे मकान में रहते हैं. सामाजिक रूप से वंचित वर्ग, विधवा, वृद्ध, विकलांग और दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाती हैं.

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